Zerit Tablet Uses In Hindi-स्टावूडीन क्या है

स्टावूडीन एक एंटी रिट्रो वाइरल थेरापी (ART) का दवा है। रिवर्स ट्रांसकृपटेज़ (reverse transcriptase enzyme), जो वाइरस के “एक तार जीन” को “दो तार जीन” में बदलता है (क्रम 4), उसे स्टावूडीन रोक देता है। यह वाइरस के जीन को मनुष्य के कोशिकाओं के जीन से मिलने (एकीकरण या integration, क्रम 5) से पहले रोक देता है। यह न्युक्लियोसाईड एनालोग रिवर्स ट्रांसकृपटेज़ इनहिबीटर है।

Zerit Tablet Uses In Hindi-स्टावूडीन क्या है

स्टावूडीन किसे लेना चाहिये

यह दवा नवजात शिशु से व्यस्कों तक ले सकते हैं। यह तय नहीं है कि आपको कब एंटी रिट्रो वाइरल थेरापी शुरू करना चाहिये। आप और आपके डाक्टर को कुछ बातों को ध्यान में रखना होगा, जैसे कि आपका सी डी 4 सेल काउंट, वाइरल लोड, आपके लक्षण और इन दवाओं के प्रति आपका भाव।

अगर आप स्टावूडीन, अन्य एंटी रिट्रो वाइरल दवाओं के साथ लेते हैं, तो आप वाइरल लोड को बहुत कम कर सकते हैं, और आपका सी डी 4 सेल काउंट बढ जायेगा। इसका मतलब है कि आप अधिक समय तक स्वस्थ्य रह सकते हैं।

गर्भवती महिला को यह दवा नुकसान पहुँचा सकता है, और इसके लिये उन्हें सावधान रहना होगा, खास करके लेकटिक ऎसिडोसिस।

स्टावूडीन कैसे लेना चाहिये

स्टावूडीन के अनेक प्रकार के केपसूल होते हैं, जैसे कि 15, 20, 30, या 40 मिलीग्राम का। इसका प्रतीदिन खुराक वजन अनुसार होता है

  • 60 किलो से कम वयक्ति को 30 मिलीग्राम, दिन में दो बार लेना चाहिए
  • 60 किलो या उससे अधिक वयक्ति को 40 मिलीग्राम, दिन में दो बार लेना चाहिए
  • नवजात शिशु को तरल रूप ले सकते हैं
  • जिन्हें कलेजा (Liver) में बीमारी हो, आप अपने डाक्टर से जरूर पुछें, कयोंकि स्टावूडीन आपके कलेजा को और खराब कर सकता है
  • सही खुराक अपने डाक्टर के अनुसार लें।

स्टावूडीन के नुकसान

कुछ मामूली दुर्प्रभाव हैं जो समय के साथ कम हो जाते हैं जैसे अच्छा नहीं लगना, सिरदर्द, थकान, मिचली और अन्य तकलीफ।कुछ असमान्य, गमभीर दुर्प्रभाव हैं, जैसे-

  • पेरीफेरल न्युरोपेथी या हाथ-पैर के नसों (peripheral nerves) को नुकसान पहुँचना। इससे हाथ-पैर लगता है कि जैसे जलन हो रहा है, या सुन्न है, या करंट लग रहा (झनझना) है। यह दवा बंद करने से ठीक हो जायेगा, किंतु अगर आप लंबे समय तक स्टावूडीन लेंगे तो, इसका इलाज नहीं हो सकता है।
  • लाईपोडिसट्रोफी अर्थात शरीर के बनावट और खून के रसायन में बदलाव, जिससे चेहरे, हाथ और पैर में चर्बी कम हो जाता है। क़ुछ लोग इसी कारण से यह दवा बदल देते हैं। देखें तथ्यपत्र 553
  • लेकटिक ऎसिडोसिस या खून में लेकटिक ऎसिड अधिक होना, जो पहले नियंतत्रित रूप में बनता था। इससे कलेजा (liver) और पाचक ग्रंथि (pancreas) को नुकसान पहुँचता है। इसके लकक्षण हैं – कमजोरी, थकान, पेट दर्द और वजन कमना। यह खास करके महिलाओं में, मोटे लोग में और जो लोग लंबे समय तक अन्य न्युक्लियोसाईड एनालोग दवा लिया है।

दवाओं के मिश्रण से नुकसान

स्टावूडीन अन्य दवाओं पर असर करता है, और अन्य दवाऎं, स्टावूडीन पर असर करते हैं। इससे उसका असर भी कम या अधिक हो सकता है, उलटे, इन दवाओं का दुर्प्रभाव बढ जाता है। इन बातों को ध्यान रखके, आप अपने दवाओं, विटामिन और अन्य पदार्थ के बारे में लिख कर रखें, और अपने डाक्टर को अवश्य बतायें कि आप कया-कया ले रहे हैं ? इससे आपको और आपके डाक्टर को आपके दवाओं का असर और नुकसान पर निगरानी रखने में आसानी होगा।

  • स्टावूडीन को कभी भी ज़ीडोवूडीन (AZT, Zidovudine) और डाईडानोसीन (Didanosine, ddI) के साथ नहीं लेना चाहिये
  • स्टावूडीन, जानसाईकलोवीर (gancyclovir) या पेंटामिडीन (Pentamidine) के साथ खराबी करता है।

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