Pneumonia ka ilaj in Hindi-निमोनिया का घरेलू उपचार

Pneumonia ka ilaj in HIndi निमोनिया ज्यादातर छोटे बच्चों व बूढ़े व्यक्तियों को होता है यह उन लोगों को बड़ी आसानी से हो जाता है जिनकी पाचन प्रणाली कमजोर होती है इसलिए निमोनिया से बचने के लिए इम्युनिटी पाचन पाचन प्रणाली को मजबूत रखना बहोत जरुरी होता है। निमोनिया की वजह से हर साल हजारों लोगों की मौतें हो जाती हैं। आज इस पोस्ट में हम आपको Pneumonia ka ilaj in HIndi, निमोनिया के लिए घरेलु उपाय बतायेंगे जिनकी मदद से घर पर भी निमोनिया का इलाज कर सकते हैं साथ ही उससे बचने के कुछ उपाय भी बतायेंगे।

Pneumonia

निमोनिया क्या होता है

निमोनिया फेफड़ों का एक संक्रमण होता है, यह कई प्रकार का होता है लेकिन ज्यादातर लोगों को वायरल बैक्टीरियल निमोनिया होता है। जब हम सांस लेते हैं तो हवा में मौजूद कीटाणु सांस के जरिये फेफड़ो में पहुंच जाते है तो इससे फेफड़ो में सूजन और अन्य तरल पदार्थ भर जाता है।

निमोनिया के लक्षण

यदि आपको निमोनिया है तो आपको फ्लू जैसे सीने में संक्रमण होने के जैसे लक्षण होंगे। निमोनिया का मुख्या लक्षण खांसी होता है आप कमजोर और थका हुआ सा महसूस करेंगे और इनमें से कोई भी लक्षण आपको हो सकते हैं।

  • बलगम वाली खांसी]
  • बुखार
  • सांस लेने में कठिनाई और तेजी से सांस लेना
  • सीने में दर्द
  • भूख कम लगना
  • मतली और उल्टी
  • खांसी में खून आना
  • कम रक्तचाप
  • नाखूनों और होठों का रंग नीला पड़ जाता है
  • शरीर में पानी के कमी

निमोनिया के कारण

Pneumonia ka ilaj in HIndi निमोनिया ज्यादातर वायरल और बैक्टीरियल कीटाणुओं की वजह से होता है और जिन लोगों की इम्युनिटी ज्यादा कमजोर है उन्हें छोटे से संक्रमण से भी निमोनिया होने का खतरा रहता है कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और संक्रमण यह दोनों ही निमोंनिया के कारण है।

निमोनिया से बचाव

वैक्सीन लें

न्यूमोकोकल कोंजूगेट वैक्सीन ( PCV) कहा जाता है यह टीका उन बच्चों के लिए उपलब्ध होगा जिन्हे इसकी आवश्यकता है। यह टीका निमोंनिया और मेनिजाइटिस जैसे न्यूमोकोकल रोगों से बच्चों की सुरक्षा करता है। इसे तीन खुराकों में दिया जाता है। समय के साथ टीकाकरण बदल जाते हैं इसलिए अगर आपने निमोंनिया का टीका लगवाया भी है तब भी अपने डॉक्टर से सलाह लें।

बच्चों का टीकाकरण

डॉक्टर 2 साल से कम आयु के बच्चों और 2 से 5 साल के बच्चों के लिए अलग-अलग निमोंनिया के टीको की सलाह देते हैं। छह महीने से ऊपर के बच्चों को फ्लू शॉट्स की सलाह भी देते हैं।

साफ़-सफाई का ध्यान रखें

अपने आप को निमोंनिया से बचाने के लिए साफ़ सफाई का खास ध्यान रखें। हमेशा धूल हुए कपडे पहने और बिस्तर की चदर भी गंदी होने से पहले ही बदल दें।

निमोनिया का घरेलू उपचार

  • एक चमच्च अदरक के रस को आधा चमच्च शहद में मिलाकर सेवन करने से निमोनिया में आराम मिलता है।
  • रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से भी निमोंनिया में आराम मिलता है।
  • तिल के बीज भी निमोनिया के उपचार में सहायक होते हैं। 300 मिलीलीटर पानी में 15 ग्राम तिल के बीज, एक चुटकी साधारण नमक, एक चमच्च शहद मिलाकर लेने से फेफड़ों से कफ बहार निकलता है।
  • रोगी का कमरा गर्म होना चाहिए कमरे में सूर्य की रोशनी अवश्य आनी चाहिए।
  • गर्म तारपीन का तेल और कपूर के तेल मिला के छाती पर मालिश करने से निमोंनिया से राहत मिलती है।
  • तुलसी भी निमोंनिया में बहोत उपयोगी है। तुलसी के कुछ पत्तो का रस, एक चुटकी काली मिर्च में मिलाकर रख लें और हर छह घंटे के बाद लें।

निमोनिया में परहेज

  • आप जिन आहारों के प्रति एलर्जिक हैं उनसे परहेज करें।
  • शक्कर और अत्यंत मीठे उत्पादों से परहेज करें।
  • दूध और डेरी उत्पाद कम ले क्योंकि ये शरीर में सबसे ज्यादा बलगम बढ़ाते हैं।
  • कॉफी और अन्य कैफीन युक्त उत्पाद को ना ले|
  • ठंडी चीजों के सेवन से बचें।

अगर निमोंनिया के बारे में और भी जानकारी चाहिए तो कमेंट करें|

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