घर में बच्चों का डिहाईड्रेशन इलाज-Dehydration Treatment In Hindi

डिहाईड्रेशन शरीर में पानी के कमी को कहते हैं। इसके साथ शरीर में नमक का भी असंतुलन हो सकता है। बहुत अधिक डिहाईड्रेशन जानलेवा भी हो सकता है।

घर में बच्चों का डिहाईड्रेशन इलाज-Dehydration Treatment at Home In Hindi

घर में बच्चों में डिहाईड्रेशन का कैसे इलाज कर सकते हैं

  • घर में बहुत अधिक डिहाईड्रेशन का इलाज नहीं करना चाहिये। इसके लिये तुरंत अस्पताल जाना चाहिये।
  • अगर हल्का डिहाईड्रेशन है तो आप अस्पताल में दिखला दें और फिर घर पर आगे का इलाज कर सकते हैं।
  • अगर डिहाईड्रेशन नहीं है, किंतु शरीर में किसी कारण से पानी कम हो सकता है, तो घर में उसका इलाज किया जा सकता है।

हर स्थिती में, हर आधे घंटे पर अपने बच्चे को जांचना चाहिये कि डिहाईड्रेशन अधिक हो रहा है कि कम हो रहा है? अगर चार घंटे में बच्चे का हालत सुधर नहीं रहा है या बच्चा पानी या तरल खाद्य पदार्थ नहीं पी रहा है, तो तुरंत इलाज के लिये अस्पताल जाना चहिये।

घर में डिहाईड्रेशन के इलाज के लिये क्या दे सकते हैं

अगर डिहाईड्रेशन नहीं है या हल्का डिहाईड्रेशन है, तो उनके इलाज के लिये सबसे उत्तम पदार्थ है “ओ आर एस” का घोल (Oral Rehydration Solution)। अगर तुरंत में आपको यह नहीं मिल सकता है, तो आप घरेलु चीज से “ओ आर एस” के घोल के जैसा घोल बना सकते हैं। यह बाद में बताया गया है।

घर पर इलाज में मिलीलिटर कैसे नाप सकते हैं

घर पर आप “ओ आर एस” का घोल देने के लिये मिलीलिटर आसानी से नाप सकते हैं। भले ही सभी के घर में अलग-अलग साईज़ के कटोरी और कप होते हैं, लेकिन आप उनके घनफल या वोलयुम (volume) निकाल सकते हैं। इसके लिये आपको चाहिये खानेवाला एक बड़ा चम्मच। एक बड़ा चम्मच का वोलयुम 15 मिलीलिटर होता है। इससे आप किसी कप या कटोरी में पानी भर सकते हैं, और उस बर्तन के वोलयुम का अंदाज लगा सकते हैं। उदाहरण के लिये अगर 10 बड़ा चम्मच से कोई कप भरता है, तो उसका वोलयुम 150 मिलीलिटर है। वैसे ही अगर 13 बड़ा चम्मच से कोई कप भरता है, तो उसका वोलयुम 195 मिलीलिटर है, या कह सकते हैं कि उसका वोलयुम करीब 200 मिलीलिटर है।

Dehydration Treatment at Home In Hindi

इससे यह आसान हो जायेगा कि बच्चे को आप अंदाज लगा सकते हैं कि कितना कप “ओ आर एस” का घोल देना है। उदाहरण के लिये अगर 5 महीना का बच्चा है, और उसका वजन 6 किलोग्राम है, तो उसे करीब 75 x 6 = 450 मिलीलिटर “ओ आर एस” का घोल देना है। अगर कप में 200 मिलीलिटर भर सकते हैं, तो उस बच्चे को 4 घंटे में कम से कम करीब सवा 2 कप “ओ आर एस” का घोल पिलाना है।

घर पर इलाज में किन बातों का ध्यान रखना चहिये

घर पर इलाज में अनेक बातों का ध्यान रखना चहिये। ये नीचे बताया गया है।

  • घर पर इलाज पर आपको सतर्क रहना चहिये कि बच्चा अच्छा हो रहा है कि नहीं? अगर नहीं तो तुरंत अस्पताल जायें। इसके लिये हर आधे घंटे पर बच्चे का निरिक्षण करें कि कितना डिहाईड्रेशन है, और स्थिती बेहतर हो रहा है कि नहीं?
  • उपर दिये गये “ओ आर एस” का घोल का खुराक पहले 4 घंटे का है। इस समय में बच्चे को निर्धारित खुराक पी लेना चहिये। अगर नहीं ले पा रहा है, तो डाक्टर से दिखलायें। अगर बच्चा उससे अधिक पी रहा है, तो उसे लेने दें।
  • 4 घंटे बाद फिर से निरिक्षण करें कि कितना डिहाईड्रेशन है, और स्थिती बेहतर हो रहा है कि नहीं? अगर बच्चा अच्छा हो रहा है, तो बच्चे को सादा खाना शुरू करना चहिये।
  • अगर बच्चा उल्टी कर रहा है, तो करीब 10 मिनट रुक जायें। 10 मिनट के बाद ओ आर एस का घोल फिर से पिलाना शुरू करें। यह घोल और आहिस्ता से पिलायें, जैसे कि 1 बडा़ चम्मच हर 2 से 3 मिनट पर।
  • ओ आर एस का घोल कम से कम दो दिन तक चलायें या जितना अधिक जरूरत हो। बच्चे के सहनशक्ति के अनुसार उसे खाना चालू करें।

हर दस्त के बाद और कितना ओ आर एस देना चाहिये

दस्त से शरीर में नमक और पानी का कमी होता है। हर दस्त के बाद और घोल देना चाहिये।

  1. 2 साल से छोटे बच्चे को हर दस्त के बाद 50 से 100 मिलीलिटर घोल देना चाहिये।
  2. 2 साल से बडे़ बच्चे को हर दस्त के बाद 100 से 200 मिलीलिटर घोल देना चाहिये।

डाक्टर के पास इलाज के लिये कब जाना चाहिये

नीचे कुछ बातें को ध्यान में रखना चाहिये कि कब डाक्टर के पास जाना चहिये –

  1. अगर बच्चा कुछ भी नहीं पी रहा है, या बहुत कम पी रहा है
  2. अगर बच्चा का तबीयत और बिगड़ रहा है
  3. अगर बच्चे को बुखार है
  4. अगर बच्चे को पैखाने में खून आ रहा है

ओ आर एस के अलावा क्या दवा देना चहिये

ओ आर एस के अलावा बच्चे को ज़िंक का टेबलेट (Zinc Tablet) देना चाहिये।

  • 6 महीने से छोटे बच्चे को हर दिन ½ टेबलेट (1/2 Tablet or 10 mg) देना चाहिये। यह टेबलेट को चूर के ओ आर एस के घोल या दूध में मिला कर दे सकते हैं।
  • 6 महीने से बडे़ बच्चे को हर दिन 1 टेबलेट (1 Tablet or 20 mg) देना चाहिये। बडे़ बच्चे को टेबलेट घोल में दे सकते हैं या फिर चबाने या निगलने के लिये दे सकते हैं।

अंतिम शब्दों में: अगर अपको यह जानकारी अच्छी लगी तो हमे कमेंट में जरुर बताऍ| आपको यह योगासन भी जानने चाहिए|

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