सोरायसिस का आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज

सोरायसिस का आयुर्वेदिक इलाज-सोरायसिस एक ऐसी समस्या है, जिसमें रोगी की रोग प्रति रोधक क्षमता, अति सक्रीय होती है और वह त्वचा के एक हिस्से पर लगातार आक्रमण करना शुरू कर देती है। इससे उस स्थान की कोशिकाएं तेजी से नष्ट होती रहती हैं और उस स्थान पर तेजी से नई कोशिकाएं बनती रहती हैं। यह विकार ज्यादातर घुटनों, कोहनी, हथेली और खोपड़ी में होता है। पर यह शरीर के अन्य भागों में भी हो सकता है। कभी-कभी यह समस्या इतनी बढ़ती है कि उस हिस्से से रक्त स्त्राव भी शुरू हो जाता है।

सोरायसिस का आयुर्वेदिक व घरेलू इलाज
सोरायसिस

सोरायसिस का कारण

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ और टी-कोशिकाओ और श्वेत रक्त कणिकाए में हुई गड़बड़ी की वजह से होता है| गड़बड़ी की वजह से ये कोशिकाए हमारी त्वचा की कोशिकाओ का उत्पादन तेज कर देती है और हमें यह बीमारी हो जाती है | साथ ही अगर आप त्वचा के संक्रमण से पीड़ित है, अनुवांशिकता, जल जाने, धुम्रपान और शराब का सेवन, विटामिन डी की कमी, सोरायसिस के मरीज से संपर्क बनाने से भी यह हो सकता है |

सोरायसिस के लक्षण

  • त्वचा पर सुजन,
  • पपड़ी जैसा बनना,
  • खुजली,
  • जलन होना,
  • नाख़ून मोटे हो जाना,
  • जोड़ो में दर्द,
  • त्वचा का फटना उसमे से खून आना

सोरायसिस का आयुर्वेदिक इलाज

सोरायसिस का कोई परमानेंट इलाज नहीं है| इसका उपचार करना काफी मुश्किल होता है। पर आप कुछ प्राकृतिक और प्रभावी घरेलू उपचार अपनाकर इसके लक्षणों को कंट्रोल कर सकते हैं और इन्फेक्शन को रोक सकते हैं। इसके साथ ही अपने डॉक्टर से भी जाँच करे।यहाँ पर सोरायसिस को ठीक करने के सबसे कारगर आयुर्वेदिक घरेलू इलाज दिए हैं :

  • खाने में हल्दी का प्रयोग ज्यादा करे, इसकेउपयोग से यह बीमारी जल्दी ठीक होती है | हल्दी को सोरायसिस पर सीधे लगा भी सकते हैं। एक चम्मच हल्दी के पाउडर पानी डालकर पेस्ट तैयार करें। इसे प्रभावित क्षेत्र में लगायें और ऊपर से कपड़ा बांध लें। इसे रातभर लगा रहने दें और अगले दिन सुबह साफ पानी से धो लें। इस उपचार को आप रोज कर सकते हैं।
  • आइस पैक सोरायसिस के कारण होने वाली खुजली और जलन को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह तंत्रिकाओं को सुन्न करता है, जिससे दर्द का अनुभव कम होता है। कुछ बर्फ कुछ टुकड़ों को टॉवल या कपड़े में बांधकर सोरायसिस पर १० मिनट के लिए रखें। इसे हर दो घंटे में एक बार करें।
  • ताजे केले के छिलकों को त्वचा पर मले| इससे सूजन और लालिमा कम होगी| यह उपाय आप दिन में कई बार कर सकते हैं|
  • सुबह सुबह एक गिलास करेले का जूस पिए| सोरायसिस के लक्षणों को कम करने में सहायक है|
  • एक चम्मच जैतून का तेल लेले  इसमें दो तीन बूंद अजवाइन का तेल मिला लें| अब इस तेल को प्रभावित क्षेत्र पर लगाकर आप 5 से 10 मिनट तक मालिश कर सकते हैं|  मालिश काफी फायदेमंद साबित होगी|
  • नीम त्वचा के संक्रमण में कारगर साबित होते हैं|यह खुजली और सूजन को भी कम कर देता है| प्रभावित क्षेत्र पर नीम का तेल लगाले|

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