वज्रासन के फायदे, विधि अर्थ और सावधानियां

वज्रासन संस्कृत भाषा का शब्द है और यह आसन ध्यान की स्थिति में किया जाता है वज्रासन के दौरान आपकी दोनों आंखें बंद रहती है जिससे आपका मन ध्यान की तरफ केंद्रित हो रहता है

वज्रासन के फायदे, विधि अर्थ और सावधानियां
वज्रासन इमेज

वज्रासन का अर्थ

यह एक संस्कृत भाषा का शब्द है जो इंद्र देवता का एक प्रमुख शास्त्र है जिसका अर्थ है बिजली और हीरा इस आसन का अर्थ है योग करते समय ध्यान की स्थिति में बैठना कई जगह पर इसे विरासन भी कहा जाता है

वज्रासन करने की विधि

  • यह आसन करते समय नेट पर आराम से बैठ जाएं
  • अपने दोनों हाथों को दोनों घुटनों के ऊपर रखकर बैठे
  • अपने दाहिने पैर को घुटनों के साथ मोड ले और पंजों को नीचे दबाकर रखें
  • इसी तरह बाएं पैर को भी घुटनों के नीचे दबाकर रखें
  • पैर का अंगूठा नीचे रहे और एड़ी अच्छी तरह फैली रहे
  • दाएं बाएं हाथ को अपने घुटने के ऊपर रखें
  • मेरुदंड को सीधे रखे सामने देखते हुए आंखें बंद करें
  • कुछ पल के बाद अपने दोनों पैरों को बाहर निकाल कर आराम से बैठे
  • इस आसन को प्राय रुक-रुक कर करें

वज्रासन के लाभ

  • यह एकाग्रता के लिए महत्वपूर्ण आसन है
  • यह पेट दर्द व अन्य दर्द से बचाव में सहायक है
  • इस आसन से समरण शक्ति बढ़ती है
  • यह रजोधर्म से संबंधित समस्याओं को दूर करता है
  • यह मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है
  • यह बवासीर और हर्निया के बचाव में सहायक है
  • यह वसा को कम करता है
  • यह कब्ज को दूर करता है तथा पाचन क्रिया को बढ़ाता है
  • यह आसन उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो संक्रामक रोगों से पीड़ित हैं

वज्रासन करने का समय

यह आसन आपको सुबह-सुबह प्राकृतिक पर्यावरण में करना चाहिए इस आसन के पर्याप्त आपको किसी से बातचीत नहीं करनी चाहिए वज्रासन सुबह-सुबह करने से आपको शरीर से संबंधित कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है

वज्रासन की सावधानियां

  1. जिस व्यक्ति को जोड़ों का दर्द हो उसे यह आसन नहीं करना चाहिए
  2. घुटनों के दर्द के दौरान इस आसन को ना करें
  3. जिन व्यक्तियों को चलने फिरने में कठिनाई होती है उन्हें वज्रासन से दूरी बनाए रखनी चाहिए

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