रेटिना किसे कहते है इसके भाग और प्राथिमक कार्य

रेटिना किसे कहते हैं आज हम इसके बारे में आपको बताने वाले हैं रेटिना उत्तक की एक पतली परत होती है जो आंख के पिछले हिस्से के अंदर की तरफ होती है यह ऑप्टिक तंत्रिका के पास स्थित होती है रेटिना का कार्य उस प्रकाश को प्राप्त करना है जो कि लेंस ने केंद्रित किया हो प्रकाश की सहायता से यह संकेत हमारे मस्तिष्क तक पहुंचते हैं जिसे हम वस्तु की पहचान करते है

रेटीना किसे कहते हैं

रेटिना किसे कहते है इसके भाग और प्राथिमक कार्य

रेटिना किसे कहते हैं इसका वर्णन कुछ इस प्रकार है रेटिना प्रकाश में फोटोरिसेप्टर कोशिकाओं की एक परत के माध्यम से संसाधित करता है यह प्रकाश के प्रति अति संवेदनशील कोशिकाएं होती हैं जो रंग और प्रकाश तीव्रता जैसे गुणों को पता लगाने का कार्य करती हैं रेटिना फोटोरिसेप्टर कोशिकाओं द्वारा एकत्र की गई जानकारी को इकट्ठा करता है और इस जानकारी ऑप्टिक तंत्रिका के माध्यम से मस्तिष्क को भेजता है मूल रूप से रेटिना एक तस्वीर तैयार करता है और इस तस्वीर को पहचानने के लिए मस्तिष्क तक भेज देता है की क्या तस्वीर है वह इसका रंग रूप आकार क्या है यह मस्तिष्क द्वारा तय किया जाता है

रेटिना किसे कहते हैं वह इस का प्राथमिक कार्य क्या है

स्पष्ट दृष्टि उत्पन्न करने के लिए आंख में कई भाग होते हैं जो एक साथ काम करते हैं रेटिना कोशिकाओं की 10 परतो से मिलकर बनी होती है जो प्रकाश का पता लगाने और वस्तुओं की जांच करने में सहायक है इन विशेष कोशिकाओं को शंकु और छड कोशिकाएं कहा जाता है वह इन्हें फोटोरिसेप्टर के रूप में भी जाना जाता है

कैसे पता करें की रेटिना में क्या समस्या है

यह पता लगाने के कई तरीके हैं कि आपके रेटिना में क्या समस्या है जैसे रेटिना में क्षति आंसू देखने में समस्या आदि इनमें शामिल हैं

  • फ्लोटस कि अचानक शुरुआत छोटे से बड़े काले धब्बे आपकी दृष्टि को कम करते हैं
  • एक या दोनों आंखों में प्रकाश की चमक लगना
  • धुंधली दृष्टि का एहसास
  • परिधीय पक्ष दृष्टि में क्रमिक कमी
  • आपकी दृष्टि क्षेत्र पर पर्दे जैसी छाया

रेटिना के भाग

  • रेटिना लेमिनेटेड उत्तक है इसे अलग-अलग कार्यरत परतों में बांटा गया है
  • सबसे बाहरी परत फोटोरिसेप्टर परत है जो छेड़ और शंकु से बनी होती है यह कोशिकाएं प्रकाश ऊर्जा को विद्युत संकेतों में बदल देती हैं जिन्हें वे संसाधित करती हैं और जी ने मस्तिष्क में भेजा जाता है जहां दृष्टि पूरी हो जाती है व स्थलाकृतिक रूप से रेटिना के केंद्र को मैं कयूला के रूप में जाना जाता है इन्हीं जगहों पर ही केंद्रीय दृष्टि पूरी होती है

रेटिना के लक्षण

  1. चमकती रोशनी
  2. पर्दे का धुंधलापन

ऊपर वर्णित लक्षणों का मतलब यह नहीं हो सकता कि आपके पास एक अलग रेटिना है हालांकि यदि आप इनमें से एक या अधिक अनेक लक्षणों का अनुभव करें तो आप नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिल सकते हैं

आपको यह भी पढ़ना चाहिए:

मैक्युलर डीजेनेरेशन क्या है?

Leave a Comment