पतला होने के लिए कौन सा योग करना चाहिए

पतला होने के लिए कौन सा योग करना चाहिए आज हम अपको इसके बारे में बतायगे| obesity या मोटापा यह आज के आधुनिक समाज के लिए सबसे गंभीर समस्या बन चुकी है मोटापा अपने साथ कई अन्य बयान बीमारियों को लेकर आता है लोग मोटापा दूर करने के लिए कई तरह की चीजो का इस्तेमाल करते नजर आते हैं अक्सर देखा जाता है क्या जानो रुपए खर्च कर भी लोग अपना मोटापा कम नहीं कर पाते हैं   पेट कम करने का योगा और वजह weight loss करने के हानिकारक दवाओं के कारण उनके लिवर पर विपरीत परिणाम होता है

स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए योग और प्राणायाम से अच्छा कोई विकल्प नहीं है योग और प्राणायम की मदद से आप अत्यंत कम खर्च और समय में बदला स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं weight loss करने के लिए संतुलित आहार विहार के साथ अगर योगा और प्राणायाम को जोड़ा जाए तो weight lossआसानी से किया जा सकता है

पतला होने के लिए कुछ महत्वपूर्ण योगासन

पतला होने के लिए कौन सा योग करना चाहिए

सेतु बंधा योगासन

  • शुरुआत में अपने पीठ के बल लेट जाएँ|
  • अपने घुटनो को मोड़ लें| घुटनो और पैरों को एक सीध में रखते हुए, दोनों पैरों को एक दुसरे से १०-१२ इंच दूर रखते हुए फैला ले|
  • हाथों को शरीर के साथ रख ले| हथेलियाँ ज़मीन पर रहे|
  • साँस लेते हुए, धीरे से अपनी पीठ के निचले, मध्य और फिर सबसे ऊपरी हिस्से को ज़मीन से उठाएँ|धीरे से अपने कन्धों को अंदर की ओर लें| बिना ठोड़ी को हिलाये अपनी छाती को अपनी ठोड़ी के साथ लगाएँ और अपने कन्धों, हाथों व पैरों को अपने वज़न का सहारा दें| शरीर के निचले हिस्से को इस दौरान स्थिर रखें| दोनों जंघा इस दौरान एक साथ रहेंगी|
  • चाहें तो इस दौरान आप अपने हाथों को ज़मीन पर दबाते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को उठा सकते हैं| अपनी कमर को अपने हाथों द्वारा सहारा भी दे सकते हैं|
  • योग आसन को 1-2 मिनट बनाएँ रखें और साँस छोड़ते हुए आसन से बहार आ जाएँ|

अनुलोम विलोम प्राणायाम

  • अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा करे और बैठ जाए|
  • अपने बाएँ हाथ को बाएँ घुटने पर रखें, हथेलि आकाश की ओर खुली या चिन मुद्रा में। अंगूठा और तर्जनी हल्के छूते हूए।
  • तर्जनी और मध्यमा को दोनों भौहों के बीच में, अनामिका और छोटी उंगली को नाक के बाएँ नासीका पर, और अंगूठे को दाहिनी नासिका पर रखे।
  • अंगूठे की सहयता से नाक से साँस बाहर निकाले।
  • अब बाएँ नासिका से साँस लिजिए और उसके बाद बाएँ नासिका को अनामिका और छोटी उंगली के साथ धीरे से दबाएँ। दाहिने अंगूठे को दाएँ नासिका से खोलकर दाएँ नासिका से साँस बहार निकाले।
  • दाएँ नासिका से साँस लिजिए और बाईं ओर से साँस छोड़िए । अब आपने अनुलोम विलोम योग प्राणायाम का एक दौर पूरा कर लिया है। एक के बाद एक नासिका से साँस लेना और छोडना जारी रखें।
  • इस तरह बारी-बारी से दोनों नासिका के माध्यम से साँस लेते हुए 9 राउन्ड पूरा करे। हर साँस छोड़ने के बाद याद रखें कि उसी नासिका से साँस भरे जिस नासिका से साँस छोड़ी हो। अपनी आँखें पूर्णतः बंद रखे और किसी भी दबाव या प्रयास के बिना लंबी, गहरी और आरामदायक साँस लेना जारी रखें।

बालासन योग

पतला होने के लिए कौन सा योग करना चाहिए
  • बालासन योग करने के लिए किसी हवादार और खुले स्थान पर बैठ जाये| आपको वज्रासन की स्तिथि अर्थात पलथी लगाकर अपनी ऐड़ियों पर बैठना है| इस स्तिथि में अपने शरीर के ऊपरी भाग को जंघाओं पर टिकाएं| इसके बाद शरीर को आगे की और झुखाकर जैसे की चित्र में दिखाया गया है, सिर को ज़मीन से लगाएं|
  • अपने हाथों को सिर से लगाते हुए आगे की ओर सीधा रखें तथा हथेलियां जमीन को छूती हुई होनी चाहिए| अपनी सांसो को सामान्य रखे, बस इसी अवस्था को बालसन कहा जाता है| इस अवस्था में आप अपनी क्षमता अनुसार 15 सेकेण्ड से 2 मिनट तक रह सकते है|

योग साइकलिंग

  • आसन बिछा कर पीठ के बल सीधे लेट जाएँ। आप का मुख आकाश की ओर होना चाहिये।
  • अब अपने दोनों पैर ज़मीन से ऊपर उठा लें। जैसे आप real साइकल चलाते है ठीक वैसे ही गोल गोल पेडल हवा में चलाने लगें। याद रहे की यह आसन करते समय आप के दोनों हाथ सीधे ज़मीन से लगे होने चाहिये और हथेलियाँ ज़मीन की और होनी चाहिये।
  • थोड़ी देर सीधी साइकलिंग करें, फिर उतनी ही देर तक उल्टी पेडलिंग करते हुए साइकलिंग करें। इस कसरत को सुबह के समय दस से पंद्रह मिनट तक करें।
  • अधिक थकान महसूस होने पर बीच-बीच में break ले कर सामान्य मुद्रा में लेट कर आराम कर लें।

नौकसाना योग

  • सब से पहले आसन जमा लें, ओर आकाश की ओर मुंह कर के पीठ के बल सीधे लेट जाएँ। हाथों को सीधा कमर से सटा कर रखें, और अपनी हथेलियों को ज़मीन की और रखे।
  • अब धीरे धीरे अपनी गरदन ऊपर की और ले जाएँ और अपने हाथ सीधे रख कर ही गर्दन के समान ऊपर उठाएँ और साथ साथ उसी समान अपने पैर भी उठाएँ और एक नौका का रूप लें। इसी मुद्रा में आप करीब पच्चीस से तीस सेकंड बने रहें। फिर धीरे धीरे सामान्य मुद्रा में चले जाएँ। नौकासन को दो से तीन बार दोहराएँ।

अंतिम शब्दों में: अगर अपको यह जानकारी अच्छी लगी तो हमे कमेंट में जरुर बताऍ| आपको यह योगासन भी जानने चाहिए|

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