अमलतास के फायदे इसके पेड़ तथा पत्ते के बारे में जानकारी

अमलतास का वैज्ञानिक नाम “कास्सिआ फिस्टुला” Cassia Fistula L. है और यह “सीसलपीनिएसिए” प्रजाति से है इसके पत्ते पाय छोटे होते हैं और मार्च-अप्रैल पतझड़ के समय इसके पत्ते झड़ जाते हैं इसके बाद नई पत्तियां और पीले रंग के फूल निकल आते हैं इसके बाद इस पर फली लगती है फली नुकीली और आकार में छोटी गोल होती है इस की फली से अनेक प्रकार की आयुर्वेद की दवाई बनाई जाती है जिस के फायदे पौधे के बारे में जानकारी और प्राप्ति स्थान नीचे बताया गया है

अमलतास का पेड़

अमलतास एक आयुर्वेदिक पेड़ है जो भारत में सड़कों पर उग आते हैं इसका पेड़ 15 मीटर तक ऊंचा होता है और इस पेड़ के प्रत्येक भाग की आयुर्वेद की जड़ी बनाई जाती है जो कि कहीं गंभीर बीमारियों को दूर करती है वह इसकी जड़ी से संक्रमण के रोगों को भी दूर किया जा सकता है

अमलतास के फायदे इसके पेड़ तथा पत्ते के बारे में जानकारी
अमलतास का पेड़

अमलतास के फायदे

  • इस वृक्ष के सभी भागों में कुछ ना कुछ औषधि गुण जरूर पाए जाते हैं
  • इसके फल बहुत उपयोगी है भारत के मान्य औषध कोश में भी उनका उल्लेख किया गया है
  • इसके फल का गूदा जिसे कास्सिआ_पल्प कहते हैं वह चेचक बीमारी को दूर करता है
  • अमलतास के सेवन से बुखार की समस्या दूर होती है
  • अमलतास के पत्तों को गाय के दूध में पीने से बच्चों पर उभरी फुंसियां समाप्त हो जाती हैं
  • इससे मुंह के छाले दूर होते हैं
  • अमलतास का लेप घावों को भरने में सहायता करता है
  • इसकी जड़ को दूध में उबालकर पीने से शरीर की जलन को समाप्त किया जा सकता है
  • यह गले में खराश खांसी दस्त और पेट दर्द को रोकने में सहायक है

अन्य भाषाओं में अमलतास का नाम

हिंदीकिराल,किलवली,सिनार
संस्कृतसुवर्णका
कन्नड़कक्केगिड़ा
गुजरातीगरमाडो
तमिलअलस,कोन्नेई
तेलुगुरेला
बंगलासोनाली,बंदरलाठी,सोंदाल
मराठीबेहावा,जंबा
मलयालमकृतमलम,कोन्नेई
अंग्रेजीइंडियन-लैबर्नम

अमलतास के वैज्ञानिक नाम में फीस्टुला शब्द का संबंध इस वृक्ष के पत्तों की प्रीति से है

प्राप्ति स्थान

अमलतास 15,00 मीटर ऊंचाई तक के स्थानों में लगभग समस्त भारत में पाया जाता है यह नम या सदाबहार वनों में अधिक पाया जाता है सड़कों के किनारे लगा अमलतस का वृक्ष बहुत उपयुक्त समझा जाता है क्योंकि यह अपने आप जाम आता है

अन्य उपयोग

अमलतास की छाल को सुमारी कहते हैं इसमें ट्रेनीन प्रचुर मात्रा में होता है इसकी लकड़ी बहुत मजबूत होती है और मकान पुल तथा कृषि संबंधी औजार बनाने में काम आती है

सावधानियां

  • अमलतास का अधिक सेवन करने से आपको दस्त की समस्या हो सकती है
  • इस औषधि को सूखा लेने से आपके पेट में दर्द हो सकता है इसलिए इस औषधि को सुखा ना ले व किसी तरल पदार्थ में मिलाकर इसका सेवन करें|

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